Parivartan- Aahat se Anjam tak

Just another Jagranjunction Blogs weblog

2 Posts

1 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 25489 postid : 1304037

आहट परिवर्तन की .............

Posted On: 1 Jan, 2017 कविता,Junction Forum,Politics में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

उत्तर प्रदेश का युवा ,पढ़ी लिखी वर्तमान पीढ़ी सरकार की गलत नीतियों की जिस प्रकार शिकार बन रही है उससे लगता है कि आगामी सत्ता परिवर्तन रोक पाना किसी के बस की बात नहीं I युवा पीढ़ी जिस प्रकार सरकार के पक्षपातपूर्ण रवैये से क्षुब्ध है उससे सत्ता परिवर्तन अवश्यंभावी है .युवा वर्ग के रोष को देख कर लगता है कि युवा अब किसी के बहकावे में आने वाला नहीं .
मैं अक्सर अपने गृह जनपद आता जाता हूँ, तो रास्ते में सड़क किनारे दौड़ लगाते युवाओं को रोककर पूछता हूँ कि किस गांव के हो? कितने लड़के भर्ती हो गए हैं? उत्तर पाकर हतप्रभ रह जाता हूँ, जब लड़के बताते हैं कि किसी किसी गांव का कोई घर शेष नहीं जहाँ का एक न एक युवा हर घर से पुलिस में भर्ती न हुआ हो और किसी गांव को छुआ भी नहीं गया .. युवाओं को अफ़सोस है कि ऐसा क्यों है? कुछ तो स्पष्ट कह देते हैं कि वे यदि किसी जाति विशेष के होते तो आज पुलिस में नोकरी कर रहे होते, किन्तु ऐसा नहीं है. सो अपने भाग्य को रो रहे हैं.
विगत कई दशकों से सपा और बसपा पारी बदल बदल कर सत्ता की पैगे बढ़ा रहे हैं. जो कुर्सी पर बैठ जाता, कसर नहीं छोड़ता. चार वर्ष तो सत्ता के भोग का जश्न चलता है. बेचारी जनता हर बार दो वर्गों में बाँट दी जाती है. जो सत्ता में होता है उसकी बल्ले बल्ले. जो नहीं होते वो टल्ले टल्ले. जो उपकृत होते दावते उड़ाते. शेष कना दाना जूठन बटोरते रह जाते. उनका जीवन इसमें ही खप जाता. प्रदेश की यह हालात देख कर न चाहते भी मुंह से निकल जाता कि यह क्या है? ऐसा क्यों है? जब युवाओं से पूछा तो एक ही उत्तर मिला कि लास्ट तक मेरिट में बने रहते किन्तु साक्षत्कार में निकाल दिए जाते. कुछ ने तो खुले आम लिस्ट चलने कि बात स्वीकारी.
स्थिति यह है कि वर्तमान युवा पीढ़ी का विश्वास प्रदेश सरकार से उठ गया है. अधिकतर युवा जिनको पूछने वाला कोई नहीं, सी आर पी एफ, बी अस एफ, आर्मी , सी आई एस ऍफ़ आदि नें केंद्रीय फाॅर्स की और रुख कर लिया है. कुछ ने बताया कि इस साल भैया सी आर पी एफ में लग गए हैं अगली बार हम भी लग जायेंगे. यू पी में कोई चांस नहीं. चांस होगा भी तो उनका जिनकी सरकार है.
यू पी में युवक कितना हतास है यह इससे पता चलता है कि युवक अब केंद्र की और पलायन कर रहा है. युवक की आशा केंद्र के साथ जुड़ रही है. परिवर्तन की पूर्व संध्या पर हर परिवार यह आशा करता है कि नया साल उसे भी मुबारक हो. परिवार में एक बेरोजगार को कोई नॉकरी मिल जाये, इससे अच्छी मुबारकबाद और क्या हो सकती है. इसलिए अब सबने मन बना लिया है कि केंद्र की सत्ता को प्रदेश में भी लाओ, अब केंद्र को ही परिधि बनाओ. साक्षात्कार का अवरोध तोड़ो जनता अब इस पर उतारू है कि हम अपना भाग्य स्वयं लिखेंगे.
जब केंद्र में साक्षात्कार का कोई नियम नहीं तो हम ही इसे क्यों झेलें . भेदभाव, भ्रस्टाचार और बेईमानी का गुरुमंत्र है, ये भी कोई बात है कि अंत तक मेरिट में रहने वाले फाइनल लिस्ट में हताश और निराश असफल हो जाते हैं, अपने को अभागा महसूस करते हैं. सबनें ठान लिया है कि परिवर्तन के बिना कुछ नहीं हो सकता. परिवर्तन लाओ. जूठन में संतुष्टि खोजना छोडो. अपना भाग्य खुद लिखो. एक ही सिद्धांत एक ही नारा परिवर्तन, परिवर्तन और परिवर्तन .परिवर्तन से कम कुछ नहीं
नव वर्ष की शुभ कामनाओं सहित संकलन का एक गीत सादर ……….
.

भारत फिर भरपूर बनेगा कोई कमी नहीं होगी,
हीरों से आकाश भरा मोती से भरी जमीं होगी…………
.
हर बालक कृष्णा कन्हैया सा राधा सी हर बाला होगी,
सुख शांति प्रेम पावनता की वसुधा पहने माला होगी
नर होंगे श्री नारायण और नारी श्री लक्ष्मी होंगी
हीरों से आकाश भरा मोती से भरी जमीं होगी.
कोई नहीं कमी होगी
भारत फिर भरपूर बनेगा ………….
.
अब देर नहीं भारत का सितारा विश्व भाल पर चमकेगा,
नारी शक्ति पूजित होगी सौभाग्य का सूरज चमकेगा
सतधर्म के चारों पाओ पर सतयुग कि सृष्टि थमी होगी
हीरों से आकाश भरा मोती से भरी जमीं होगी
कोई कमी नहीं होगी
भारत फिर भरपूर बनेगा..
.
वही जगत गुरु यह भारत है भगवान जहाँ पर आते हैं,
गीता गंगा और गायत्री का फिर से मान बढ़ाते हैं
हैं धन्य धन्य अपनी माटी जो फिर से देव भूमि होगी..
हीरों से आकाश भरा मोती से भरी जमीं होगी
कोई कमी नहीं होगी
भारत फिर भरपूर बनेगा.. *संकलित *

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 2.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments




अन्य ब्लॉग

  • No Posts Found

latest from jagran